1.
दिल जलता है तो जल जाने दे,
कि बाहर अँधेरा ही अँधेरा है I
2.
यूँ तो चिराग घर-घर में रोशन होते हैं,
पर
किसी-किसी के ही दिल के दिए जलते हैं I
3.
नज़रें ढूँढ लेतीं हैं अँधेरों में भी
रोशनी,
नज़र भर
के देख तो सही !
4.
हमें कुछ कहने की जरूरत नहीं ऐ जहाँ,
वक़्त खुद
ही सुनाएगा हमारी दास्ताँ I
5.
हिम्मत –ए – चिराग गर रहे रोशन अँधेरों में,
रास्ते
खुद ब खुद रूबरू होंगे कारवाँ में I
6.
राही
थका-थका है, मंज़िल भी अभी दूर.....
मुश्किल ही सही, मगर जाना है जरूर I
7.
अश्क़ होते बाकी तो कुछ कतरे बहा लेता अपनी
मईय्यत पे,
जो बह गए थे कभी तेरी बेवफ़ाई के साथ I
8.
दुनिया ने मुझको लूटा अपना कह-कह के,
दिल मेरा है टूटा अपनों का सह-सह के I
9.
वैसे तो इस दिल पे हर किसी ने चोट की,
ये तो मेरा दिल है कि हर चोट सह गया I
10.
दूर –दूर तक है गीला आसमाँ, जहाँ नज़र जाए
ठहर,
बस वहीं बरस –बरस….
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